मेरी कलम से

मैं ही हूँ। पत्रकार। टीवी वाला। अधूरा कवि। क्वार्टर लेखक। दो बटा तीन ब्लागर। कस्बा पर लिख लिख कर घिस दिया हूँ। फेसबुक पर ही लघु प्रेम कथा लिखा। लप्रेक कहते हैं। डर से प्रेरित होकर ड्रेरित काव्य लिखता हूँ। तारीफों और गालियों के पार मेरा जहाँ कहीं और है। सत्यम शिवम् सुंदरम् । झूठों का सरताज डरता है, फँसाने को फंदा फेंकता है। अंग्रेज़ी सीख लो वर्ना कह दो कि आती नहीं है। जंग लगे सपनों को फिर से सपना बनाने आया हूँ इक़बाल मोहब्बत का रहे, घुड़सवार बन कर आया हूँ

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Saturday, 11 November 2017

आवश्यकता है एक फ़ेस्टिवल भंग दस्ते की

दोस्तों, मैं एक फ़ेस्टिवल भंग दस्ता बनाना चाहता हूँ। यह दस्ता किसी भी लिटरेचर फ़ेस्टिवल को भंग करने में सक्षम होगा। सरकार की चिन्ता न करें। हम सरकार के प्रिय विषयों के अनुकूल ही भंग करने का प्रशिक्षण देंगे। दस्ते को कुछ नाम दिए जाएँगे। इनका नाम रेलवे रिजर्वेशन चार्ट में भी दिख जाए तो फ़ेस्टिवल भंग दस्ता ट्रेन को भी भंग कर देगा ताकि वो व्यक्ति सवार न हो पाए। इस दस्ते के लोग सूची में दिए गए नामों के घर के बाहर रोज़ तैनात रहेंगे। उनके पीछे पीछे गाड़ी लेकर जाएँगे। वो किसी के घर भी जाएँगे तो वहाँ पहुँचकर बाहर से ताला लगा देंगे।
फ़ेस्टिवल भंग दस्ते में ज़्यादातर युवा होंगे। युवा इसलिए होंगे क्योंकि इस उम्र में पता नहीं चलता कि बाकी उम्र के लिए बर्बाद हो रहे हैं। दस्ते में एक नहीं कई युवा होंगे। हम यह दस्ता बना ही रहे हैं ताकि ज़्यादा से ज़्यादा युवा बर्बाद हो सकें। शादी के लिए लड़की वालों को बता सकें कि जी हम फ़लाँ पार्टी की तरफ से किसी भी लिटरेचर फ़ेस्टिवल को भंग कर देते हैं। जो बोलते हैं, उन्हें बोलने नहीं देते। लड़की वाले अपना समझ लें। हो सकता है कि इस दस्ते के युवा अपनी बारात के इंतज़ाम को ही भंग कर दें। इनकी आदत थोड़ी तो बिगड़ ही जाएगी। समझी मौसी।
दस्ते का मुख्य काम होगा कार्यक्रम में पहुँच कर सीट छेक लेना। पहली रो के बाद की सीट पर बैठ जाना। जैसे ही कार्यक्रम शुरू होगा,एक कोने से नारे लगाना होगा। उस तरफ़ आयोजक चुप कराने दौड़ेंगे तो दूसरी तरफ के युवा उठकर मंच की तरफ बढ़ेंगे और वक्ता को घेर लेंगे। दस्ते का काम होगा, वक्ता को धकियाना, मंच से गुलदस्ता हटाना और फिर माइक की तार खींचना। स्थिति को तनावपूर्ण बनाना भी उनकी ज़िम्मेदारी होगी। एक व्यक्ति स्याही फेंकने का प्रभारी होगा। इसका नाम श्याम छिड़काव पदाधिकारी होगा। दस्ता हमेशा भीड़ बनाकर चलेगा। अकेले जाने में ख़तरा है।
फ़ेस्टिवल भंग दस्ता रोज़ नहा धो कर तैयार रहेगा। आर्डर आते ही रवाना होगा और फ़ेस्टिवल भंग कर देगा। लिटरेचर फ़ेस्टिवल की संख्या काफी हो गई है। इसके वक्ताओं को अगर घेरवाना हो, मंच से उतरवाना हो तो हमसे संपर्क करें । FBD यानी फ़ेस्टिवल भंग दस्ता। हमारी कोई ब्रांच नहीं है। लखनऊ में तो बिल्कुल नहीं है। हम सिर्फ मेट्रो सिटी में फ़ेस्टिवल भंग करते हैं। ख़ैर, अनुमति मिल गई है।

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